Sunday, 16 August 2020

तुम्हारा आना कुछ खास नहीं था, लेकिन तुम्हारा जाना कोई भुला नहीं पायेगा...

 


माही....माही मार रहा है... अब ये सुनने को नहीं मिलेगा...

माही सिर्फ क्रिकेट से सन्यास नहीं लिया है....बल्कि उन्होंने तो.....एक युग का अंत किया है....


आज भी मुझे याद है...बचपन में जब मैं तीसरी कक्षा में था......तो एक क्रिकेटर का फोटो 5 रुपया वाला कॉपी पर हुआ करता था......महीने में 5 से 7 कॉपियां खरीदता था ताकि उस फ़ोटो को निकाल कर अपने पास रख सकूं....            


उसके लंबे लंबे बाल थे....और नाम था धोनी.... महेंद्र सिंह धोनी... उस समय क्रिकेट का C तक मुझे नहीं पता था...लेकिन धोनी का मतलब पता था.... 


सच बताऊं तो मैं बहुत मतलबी था...मतलबी इसलिए था कि मुझे सिर्फ धोनी से लगाव था... मैं सिर्फ यही चाहता था कि क्रिकेट का पूरा ओवर धोनी क्रीज़ पर डटें रहें....


जब माही खेल रहा होता था....तो मैं सब कुछ भूल कर उसे ही देखता था.... पता नहीं माही से कुछ अलग ही लेवल का लगाव है....


धोनी मने क्रिकेट....

धोनी मने धैर्य

धोनी मने साहस

धोनी का मतलब everything is पॉसिबल...



 कहते है....कि जो लीजेंड होते है उनका स्टाइल की ग़जब होता है.... रन ऑउट से क्रिकेट की शुरुआत और रन ऑउट से ही क्रिकेट का अंत..... इस दोनों रन ऑउट के बीच फर्क बस इतना है कि जब पहली बार रन आउट हुआ था.....तो खुद निराश हुए थे....और जब अंतिम बार रन आउट हुए तो....पूरा देश रो रहा था.....


मुझे लगता है संघर्ष शब्द की पर्यायवाची में एक नया शब्द जुड़ गया है जो है,"धोनी".


माही को मैं अपने शब्दों के ज़रिए बयां करूँ यह सम्भव ही नहीं है.....

अंत में ये 4 पंक्ति....


तुम्हारा आना कुछ खास नहीं था.....

लेकिन तुम्हारा जाना कोई भुला नहीं पायेगा...


कैसे तुमने संघर्ष के बल पर इतिहास रच डाला...

और कैसे तुमने कैप्टन कूल बनकर दुनिया को हिला डाला....


माही....तुम हमेशा दिल में रहोगे.... लव यू माही... मिस यु माही..














Saturday, 8 August 2020

हमारे जीवन में सोशल मीडिया का महत्व।। Importance of Social Media in our life.

     


       दुनिया में शायद ही कोई इंसान होगा जिसे अकेला रहना पसंद हो। बहुत ही कम ऐसे लोग होंगे जो खुद को दुनिया में होने वाली गतिविधियों से दूर रखते हो। फ़िलहाल जो वर्तमान में हालात है, ऐसे हालात में तो लोग काफी ज्यादा ख़ुद को लोगों के बीच में देखना चाहते हैं। कोविड19 और लॉकडाउन जैसी परिस्थितियों में हम सब अलग-अलग रह रहे हैं। इस दौरान न हम किसी से मिल सकते है और न ही किसी के साथ घूम सकते है। ऐसे में ख़ुद को अकेलेपन से दूर करने के लिए हम अपने कामों में उलझे रहते है। इस अकेलेपन को दूर करने के लिए हमारे पास एक बेहतरीन हथियार है और वो है 'सोशल मीडिया'। सोशल मीडिया वह तकनीक है जिसके जरिये हम अपने परिवार वालों के साथ वक़्त ज़ाया कर सकते है। यह वह होटल व रेस्टूरेंट है जहां हम अपने चाहने वालों के साथ बात कर सकते है। इन दिनों सोशल मीडिया एक मात्र उपाय है ख़ुद को अकेलेपन से दूर रखने का। इसके जरिये आज कल तो सभी काम भी किया जा रहा है। जबसे लॉकडाउन लागू हुआ है तथा सब कुछ बन्द हो गया है। ऐसे वक्त में सोशल मीडिया वह तकनीक है जिसके जरिये हम अपने कामों को कर रहें है। आज कल सभी स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थान, कोचिंग सब के सब ऑनलाइन वर्ग संचालन कर रहे हैं। लोगों को अभी वर्क फ्रॉम होम की सुविधा मिली है तथा वर्क फ्रॉम होम इसी सोशल मीडिया के ज़रिए सम्पन्न किया जा रहा है। 

       

       

सोशल मीडिया समाज के सामाजिक विकास में अपनी अहम भूमिका निभाता है और इन दिनों तो कई व्यवसायों को बढ़ाने में भी मदद कर रहा है। यह सोशल मीडिया, मार्केटिंग जैसे साधन प्रदान करता है जो लाखों सशक्त ग्राहकों तक पहुंचता है। हम आसानी से सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी और समाचार प्राप्त कर सकते हैं। केपीएमजी के एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में इंटरनेट की पकड़ कुल आबादी का 31 प्रतिशत है यानि कि देश में 40 करोड़ से अधिक लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं जो 2021 तक बढ़कर 73 करोड़ से अधिक होने की सम्भावना जताई जा रही है। इसी तरह देश में वर्तमान में 29 करोड़ स्मार्टफोन यूजर हैं। अनुमान है कि 2021 तक 18 करोड़ और नये यूजर जुड़ जाएंगे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में 993 विश्वविद्यालय, करीब 40 हजार कॉलेज हैं और 385 निजी विश्वविद्यालय हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया की क्या महत्वत्ता है हमारे जीवन में। अगर लॉकडाउन के दौरान देखा जाए तो सोशल मीडिया से लोगों को काफ़ी ज्यादा मदद मिली है तथा लोगों का काम सुलभ हुआ है। ऐसा कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि सोशल मीडिया इन दिनों हमारे जीवन में खुशहाली लाया है।



#हमारे जीवन में सोशल मीडिया का महत्व।। 

#Importance of Social Media in our life.




               

बचपन वाला सरस्वती पूजा

 सरस्वती पूजा, ये पर्व महज एक दिन का होता है, लेकिन इसकी तैयारी में महीने भर से जुट जाते थे। लोगों को इकट्ठा करना, चंदा के लिए पैसे जुटाना, ...