Sunday, 6 February 2022

भारत पर रूस का नया चाल, कश्मीर पर विवादों को दिया तूल


देश में भारत का अभिन्न अंग जम्मू कश्मीर को लेकर हमेशा से विवादों का दौर रहा है। अभी दो दिन पहले ही एक नया विवाद सामने आया है। जिससे कुछ दिनों के लिए उन सभी लोगों को बल मिल जाएगा या समर्थन मिल जाएगा, जो घाटी को लेकर हमेशा से देश के खिलाफ अपना रूख़ अख्तियार किए हुए रहते हैं।
बहरहाल मुद्दा पर आते हैं, रूस का एक डिजिटल मीडिया चैनल है 'रेडफिश मीडिया' जो ख़ुद को सामुदायिक मीडिया के तौर पर परिभाषित करता है। उन्होंने 04 फरवरी को जम्मू-कश्मीर पर अपनी आगामी डॉक्यूमेंट्री का एक ट्रेलर ट्वीटर पर रिलीज किया था और कहा कि यह 11 फरवरी को प्रसारित किया जाएगा। जिसका शीर्षक ‘कश्मीर: फिलिस्तीन इन द मेकिंग’ है। डॉक्यूमेंट्री में वास्तविक परिस्थिति से उलट तथ्यों को दिखाया गया है। यानी कि कश्मीर को लेकर नया बखेड़ा खड़ा किया गया है।
अब इस मुद्दे पर विवाद शुरू होते ही रूस ने खुद को अलग करते हुए कहा है कि इसमें दिखाए गए विचार से उसका कोई संबंध नहीं है।
भारत में रूस के दूतावास ने कहा, “रूसी राज्य-संबद्ध मीडिया” के रूप में भ्रामक नाम वाले इस चैनल के समर्थन से उसका कोई संबंध नहीं  है।”
बयान में कहा गया है कि, "चैनल अपनी संपादकीय नीति के संबंध में स्वतंत्र रूप से कार्य करता है।"
पिछले कुछ दिनों से रूस का रूख भारत के लिए बदला-बदला सा भी लग रहा है, जिसका जीता जागता उदाहरण बीजिंग में हो रहे विंटर ओलिम्पिक को लेकर देखा जा सकता है। तो क्या रूस द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारत में इस तरह के प्रोपेगैंडा जानबूझकर फैलाया जा रहा है? क्या इसमें चीन और पाकिस्तान का हाथ है? जो भी हो, सरकार को रूस से इसको लेकर गम्भीरता से बात करनी चाहिए तथा ऐसे भ्रमित तथ्यों पर तत्काल रोक लगाया जाना चाहिए।


देव चौधरी

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