Friday, 17 April 2020

कोरोना से लड़ रहे है कई योद्धा



कोरोना वायरस महामारी के बीच सरकार द्वारा लोगों की मदद के लिए हर सम्भव प्रयास की जा रही है। ऐसे में कई सारे लोग/संस्था है जो मदद के लिए आगें आये है। आज हम बात कर रहे है ऐसे ही एक छात्र संगठन के बारे में जिसने इस महामारी में न केवल लोगो की मदद की बल्कि उनके साथ खड़े है। मिथिला स्टूडेंट यूनियन के लोगों के द्वारा पिछले कई दिनों से लोगों के बीच खाना, मास्क आदि का वितरण किया जा रहा है साथ ही ये लोग, लोगों को इसके प्रति जागरूक भी कर रहे है। इनलोगो के द्वारा गांव-गांव जा कर लोगो को कोरोना से बचने के उपाय बताए जा रहे है।
                    इस नेक कार्य के बीच ये लोग सरकार के द्वारा जारी दिशा निर्देश का पालन भी कर रहे है तथा सोशल डिस्टेंस का ख्याल भी रख रहे है। इनलोगो के द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान के तहत ग्रामीण इलाके में लोग काफी जागरूक हुए है क्योंकि गांव की बात करे तो वहां लोगों में जागरूकता की कमी देखी जाती है ऐसे में ये लोग घर घर जा कर उन्हें कोरोना के बारे में बताते है तथा खुद को इस बीमारी से कैसे बचाये यह भी बताते है। ऐसे में ये लोगो खुद की सुरक्षा का भी ख्याल रखते है। इस वक़्त ये लोग अपनी जान की परवाह किये बगैर ही घर घर जा कर लोगो की मदद कर रहे है यह काफी अतुलनीय हैं। 

Wednesday, 1 April 2020

इस भीड़ में कोई अपना छूट रहा

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     आज पूरी दुनिया महामारी से जूझ रही है। ऐसे में भारत पर भी गहरा असर पड़ा है और पूरा देश घरों में कैद है। इन सबके बीच कोई है जो हम सब की रक्षा,खाने की इंतजाम, रहने की व्यवस्था कर रहे है। जिसे हम सब डॉक्टर्स नर्सिंग कर्मियों, पुलिस कर्मियों,रक्षा सेवा कर्मियों,स्वयंसेवक संस्थाओं और अन्य अनिवार्य सेवा मे लगे लोगों के तौर पर जानते है परन्तु क्या हमने कभी सोचा है कि इनकी एक मांग पर सारी सुविधाएं सरकार द्वारा तुरंत पूरी कर दी जाती है। वह ज़रिया क्या है? कौन है वे लोग जो ऐसे विपदा में भी बिना रुकावट के सारी योजनाओं को सफल बनाने में दिन रात लगे है?
        इस वक़्त जब हम सभी अपने घरों में बंद है, तब क्या कभी हमने सोचा है कि उनके खाते में , सरकारी खाते में , सरकारी सेवा कर्मियों के खाते में, सेवा आपूर्ति करने वाले के खाते में पैसा कैसे बराबर आ रहा हैं , कौन इसे सुचारू रूप से संचालित कर रहे हैं, जिससे सरकारी तंत्र और व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है।
                   किसी भी आपदा के घड़ी में, यें लोग सक्रियता से सभी मूलभूत एवं आवश्यक सुविधाएं बहाल करने के लिए भुगतान का कार्य करते है , लेकिन उनका उल्लेख कभी नहीं होता। एक कर्तव्यनिष्ठ नागरिक होने के नाते हमारा यह कर्तव्य है कि ऐसे लोगों का हम भी ख़्याल रखें जो हमारे देश का ख़्याल रखें है।

© Dev choudhary

बचपन वाला सरस्वती पूजा

 सरस्वती पूजा, ये पर्व महज एक दिन का होता है, लेकिन इसकी तैयारी में महीने भर से जुट जाते थे। लोगों को इकट्ठा करना, चंदा के लिए पैसे जुटाना, ...