Thursday, 26 September 2019

सोशल_मीडिया_का_हो_सदुपयोग!



       जिस तरह से आज के दौर में सोशल मीडिया का दुरुपयोग बढ़ता जा रहा है,यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में यह काफी प्रभाव डालेगा। अब तो सोशल मीडिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट को भी बोलना पड़ा, कोर्ट ने कहा कि सरकार को इस पर कोई सख्त कदम उठानी चाहिए हालांकि यह कहना गलत होगा कि इसका दुरुपयोग ही हो रहा है।।         

               सोशल मीडिया का सदुपयोग भी हो रहा है लेकिन बड़ी मात्रा में इसके जरिए झूठी खबरें,भ्रामक प्रचार, अन्य घटनायें फैलाया जाता है। अमेरिकी चुनाव के दौरान भी सोशल मीडिया पर संगीन आरोप लग चुके हैं। यह आरोप फेसबुक का डाटा चोरी का था। हालांकि व्हाट्सएप ने इस पर कुछ हद तक लगाम लगाने की कोशिश किया है परंतु वह पूर्ण रूप से प्रभावी नहीं हुआ है। अब तो हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी भी कह रहे हैं कि मैं ख़ुद सोशल मीडिया पर एक्टिव रहता हूँ और वहां से बहुत अच्छी चीजें भी पता चलता हैं। लेकिन भारी मात्रा में अफवाहें भी रहती है। सरकार को इस पर जल्द ही कोई निर्णय लेनी चाहिए ताकि इस से होने वाले दुष्प्रभाव को रोका जा सकें।

                                                   ©देवशंकर🖋️🖋️🖋️

Friday, 6 September 2019

यातायात के नए नियम से अवगत हो लोग।


यातायात के नए नियम से अवगत हो लोग।

         

       नए यातायात नियमों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि नए प्रावधानों का उद्देश्य ट्रैफिक नियमों का पालन करना सुनिश्चित करना है न कि सरकार का खजाना भरना। उन्होंने एक औसतन आंकड़ा बताया कि भारत में प्रतिवर्ष करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती है, जिनमे तकरीबन डेढ़ लाख लोगों की जान जाती है। यहां सरकार का मकसद लोगों से यातायात जुर्माने के नाम पर भारी-भरकम रुपया वसूलना नहीं है, वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि नियम का उल्लंघन करना कितना महंगा है। साथ ही उन्होंने यह समझाने का प्रयास किया है कि लोगों की जान की क्या कीमत है? यहां जनता को खुद समझना होगा कि आखिर सरकार को ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा? हम सब को जागरूक होना होगा और सरकार की इस मुहिम में साथ देना होगा, कुछ दिनों से हम सब खुद दहशत का माहौल बना रहे हैं की ट्रैक्टर चालक से ₹50000 तो बाइक सवार से ₹25000 वसूला, ऐसे समाचारों को साझा करेंगे तो जाहिर सी बात है दहशत पैदा होगी।
            सड़क दुर्घटनाओं का कारण वाहन चालकों की लापरवाही है लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि इसका दूसरा कारण सड़कों के डिजाइन में खामी, सड़कों पर अतिक्रमण, आवारा पशु, रोशनी की कमी है। अब ऐसी कोई व्यवस्था होनी चाहिए कि ट्रैफिक पुलिस यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक सुबूतों से लैस हो। साथ ही सरकारी वाहन किसी तरह की रियायत ना पाए और भारी वाहनों पर खास निगाह रखी जाए।
                                                     ©देवशंकर🖋️🖋️
  
                                                   

बचपन वाला सरस्वती पूजा

 सरस्वती पूजा, ये पर्व महज एक दिन का होता है, लेकिन इसकी तैयारी में महीने भर से जुट जाते थे। लोगों को इकट्ठा करना, चंदा के लिए पैसे जुटाना, ...