बिहार, दरभंगा, बेनीपुर:- क्षेत्र के मकरमपुर गांव में भादव कृष्ण पक्ष नवमी को ध्वजारोहण का परंपरा रहा है, जो 24 अगस्त को ग्राम स्थित बजरंगबली मंदिर प्रांगण में हजारों की संख्या में भक्तों के द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। इस दौरान यहां भक्तिमय माहौल रहता है। विभिन्न जगहों से श्रद्धालु यहां ध्वजा अर्पित करने पहुंचते हैं। जिस कारण से पूरे गांव में भीड़ का मंजर रहता है। यह मान्यता है कि कोई भक्त मनोकामना मांगता है, तो उसे पूरी हो जाने के बाद यहां ध्वजा अर्पण करना होता है। यूँ तो पूरे देश में रामनवमी को ध्वजारोहण होता है, लेकिन यहां की परंपरा कुछ अलग है। जिस कारण यहां भादव महीने में कृष्ण पक्ष नवमी को ध्वजारोहण होता है।
आपको बता दें कि यहां का इतिहास बहुत पुराना रहा है ग्रामीण मोद नारायण चौधरी बताते हैं कि मकरमपुर गाँव के सभी मुल वासिन्दे जलेवार गरौल के हैं। गरौल जो अभी तारडीह प्रखंड में अवस्थित है ,यहाँ भुतकाल में अन्य धर्मावलंबियों से उपद्रव ग्रस्त होने के कारण वहाँ से अभी के गाँव मकरमपुर जो सर्वे के अनुसार परूषोत्तमपुर के नाम से जाना जाता है,यहां आकर बस गये, जो भादव कृष्ण नवमी का दिन था। उसी दिन महावीर जी का ध्वजारोहण किया गया।कालान्तर में दरभंगा महाराज से यहाँ का एक परिवार जो अभी बंगला घराना के नाम से जाना जाता है ,उनका हरीयठ मौजा को लेकर भीषण लडाई हुई जिसमें कानूनी ढंग से इनलोगों कि जीत हुई। इसी संदर्भ में ये लोग यह मनौती किये कि अगर हमारी जीत हुई तो दोहरी ध्वजा महावीर जी को देंगे। धीरे-धीरे इसका कई लोगो के द्वारा अनुसरण किया गया अौर लोग अपनी मनोकामना पुरा होने पर ध्वजा देने लगे । यहाँ भूत पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय ललित नारायण मिश्रा ,पं हरिनाथ मिश्र,पूर्व सांसद कृति झा आजाद तथा वर्तमान सांसद गोपाल जी ठाकुर सहित बहुत गणमान्य लोगों ने मनोकामना पुर्ण होने के उपरान्त ध्वजारोजण किया। यहाँ महावीर जी का मुख्य प्रसाद के रूप में चूड़ा -दही ,लड्डू ,केला ,मिठाई आदि का भोग लगाया जाता है तथा प्रत्येक ध्वजा पर तीन ब्राह्मण ,दो कुंवारी कन्या को प्रसाद भोजन कराया जाता है। इसका मुख्य पुजन बंगला परिवार के द्वारा करवाया जाता है। इस दिन यहां विभिन्न जिलों,प्रदेशों, शहर सहित पड़ोसी देश नेपाल के लोग हजारों की संख्या में ध्वजारोहण करते हैं तथा मनौति पुरा करते है।


