Wednesday, 1 April 2020

इस भीड़ में कोई अपना छूट रहा

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     आज पूरी दुनिया महामारी से जूझ रही है। ऐसे में भारत पर भी गहरा असर पड़ा है और पूरा देश घरों में कैद है। इन सबके बीच कोई है जो हम सब की रक्षा,खाने की इंतजाम, रहने की व्यवस्था कर रहे है। जिसे हम सब डॉक्टर्स नर्सिंग कर्मियों, पुलिस कर्मियों,रक्षा सेवा कर्मियों,स्वयंसेवक संस्थाओं और अन्य अनिवार्य सेवा मे लगे लोगों के तौर पर जानते है परन्तु क्या हमने कभी सोचा है कि इनकी एक मांग पर सारी सुविधाएं सरकार द्वारा तुरंत पूरी कर दी जाती है। वह ज़रिया क्या है? कौन है वे लोग जो ऐसे विपदा में भी बिना रुकावट के सारी योजनाओं को सफल बनाने में दिन रात लगे है?
        इस वक़्त जब हम सभी अपने घरों में बंद है, तब क्या कभी हमने सोचा है कि उनके खाते में , सरकारी खाते में , सरकारी सेवा कर्मियों के खाते में, सेवा आपूर्ति करने वाले के खाते में पैसा कैसे बराबर आ रहा हैं , कौन इसे सुचारू रूप से संचालित कर रहे हैं, जिससे सरकारी तंत्र और व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है।
                   किसी भी आपदा के घड़ी में, यें लोग सक्रियता से सभी मूलभूत एवं आवश्यक सुविधाएं बहाल करने के लिए भुगतान का कार्य करते है , लेकिन उनका उल्लेख कभी नहीं होता। एक कर्तव्यनिष्ठ नागरिक होने के नाते हमारा यह कर्तव्य है कि ऐसे लोगों का हम भी ख़्याल रखें जो हमारे देश का ख़्याल रखें है।

© Dev choudhary

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