आज हमारा देश किस मोड़ पर खड़ा है,
देश के चारों स्तम्भ हाशिये पर आ गया हैं। इस सब के पीछे कुछ भी कारण हो सकता है चाहे वो सत्ता का दबाव हो या सत्ता का सुख! आज न्यायपालिका और कार्यपालिका एक दूसरे आरोप लगा रहें है। विधायिका भी सत्ता के शहंशाह के गिररफ्त में आने लगे है, जिनके साथ खरीद फरोख्त हो रहा है। और मीडिया इनके बारे में तो पहले से ही भ्रामक फैला हुआ हैं जो कहीं न कहीं एक हद तक सच भी है। लेकिन क्या कभी हमने ऐसा सोचा है कि इन सब के पीछे कौन है? किसका हाथ है? #PM का #CM? का या किसी और का? अगर किसी और का तो किसका?
मैं बताता हूँ, इन सब के पीछे कारण है हमारा लोकतंत्र, हमारा संविधान और हमसब, जिसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा हैं।
पिछले 1 महीने का राजनीतिक घटनाक्रम इन सब का जीता जागता उदाहरण हैं।
#चिन्टूओ_से_सावधान!
ज्यादा नहीं लिखूंगा, बस मन की भड़ास निकालने का इस ज़रिया का इस्तेमाल कर रहा हूँ।
धन्यवाद🙏🙏
देश के चारों स्तम्भ हाशिये पर आ गया हैं। इस सब के पीछे कुछ भी कारण हो सकता है चाहे वो सत्ता का दबाव हो या सत्ता का सुख! आज न्यायपालिका और कार्यपालिका एक दूसरे आरोप लगा रहें है। विधायिका भी सत्ता के शहंशाह के गिररफ्त में आने लगे है, जिनके साथ खरीद फरोख्त हो रहा है। और मीडिया इनके बारे में तो पहले से ही भ्रामक फैला हुआ हैं जो कहीं न कहीं एक हद तक सच भी है। लेकिन क्या कभी हमने ऐसा सोचा है कि इन सब के पीछे कौन है? किसका हाथ है? #PM का #CM? का या किसी और का? अगर किसी और का तो किसका?
मैं बताता हूँ, इन सब के पीछे कारण है हमारा लोकतंत्र, हमारा संविधान और हमसब, जिसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा हैं।
पिछले 1 महीने का राजनीतिक घटनाक्रम इन सब का जीता जागता उदाहरण हैं।
#चिन्टूओ_से_सावधान!
ज्यादा नहीं लिखूंगा, बस मन की भड़ास निकालने का इस ज़रिया का इस्तेमाल कर रहा हूँ।
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