कोरोना वायरस महामारी के बीच सरकार द्वारा लोगों की मदद के लिए हर सम्भव प्रयास की जा रही है। ऐसे में कई सारे लोग/संस्था है जो मदद के लिए आगें आये है। आज हम बात कर रहे है ऐसे ही एक छात्र संगठन के बारे में जिसने इस महामारी में न केवल लोगो की मदद की बल्कि उनके साथ खड़े है। मिथिला स्टूडेंट यूनियन के लोगों के द्वारा पिछले कई दिनों से लोगों के बीच खाना, मास्क आदि का वितरण किया जा रहा है साथ ही ये लोग, लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक भी कर रहे है। इनलोगो के द्वारा गांव-गांव जा कर लोगो को कोरोना से बचने के उपाय बताए जा रहे है। इस नेक कार्य के बीच ये लोग सरकार के द्वारा जारी दिशा निर्देश का पालन भी कर रहे है तथा सोशल डिस्टेंस का ख्याल भी रख रहे है। इनलोगो के द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान के तहत ग्रामीण इलाके में लोग काफी जागरूक हुए है क्योंकि गांव की बात करे तो वहां लोगों में जागरूकता की कमी देखी जाती है ऐसे में ये लोग घर घर जा कर उन्हें कोरोना के बारे में बताते है तथा खुद को इस बीमारी से कैसे बचाये यह भी बताते है। ऐसे में ये लोगो खुद की सुरक्षा का भी ख्याल रखते है।
इस संगठन की स्थापना 2015 में मिथिला क्षेत्र में शिक्षा प्रणाली, रोजगार, प्रवास के मुद्दों, साक्षरता, स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति और लघु उद्योगों की कमी को सुधारने के लिए की गई थी। आज इसकी सदस्यों की संख्या लाखों में है। यूँ तो इसका केंद्र मिथिला में विकास को लेकर है परंतु किसी भी आपदा के वक़्त यह पूरे बिहार के लिए खड़े रहते है। बिहार में जब भी विपत्ति पड़ी है यह तन मन धन से सामने आया है। 2017,2018,2019 में बाढ़ पीड़ितों को बचाने से लेकर उनके रहने खाने तक का इन्तजाम किया था, वहीं पिछले साल जब बिहार की राजधानी पटना पानी में समा गया था उस वक़्त भी यह लोगों की मदद के लिए आगे आया था। बिहार में चमकी बुखार के समय भी यही संगठन खड़ा था।
आज एक बार फिर जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस जैसे महामारी से लड़ रही है तब इस समय भी इसके द्वारा लोगों को अत्यधिक मदद पहुंचाया जा रहा है। अपितु बिहार से लेकर दिल्ली तक संगठन के द्वारा भोजन,मास्क, या जरूरत के समान उपलब्ध करा रहें है। दिल्ली तथा बिहार में करीब 40 दिनों तक 300 से 400 लोगों को दिन-रात भोजन कराया जा रहा था अगर मैं सच कहूं तो ऐसे नेक कार्य करने के बाद बड़ा ही आनंद महसूस होता है। इस वक़्त ये लोग अपनी जान की परवाह किये बगैर ही घर घर जा कर लोगो की मदद कर रहे है यह काफी अतुलनीय हैं।
इस संगठन की स्थापना 2015 में मिथिला क्षेत्र में शिक्षा प्रणाली, रोजगार, प्रवास के मुद्दों, साक्षरता, स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति और लघु उद्योगों की कमी को सुधारने के लिए की गई थी। आज इसकी सदस्यों की संख्या लाखों में है। यूँ तो इसका केंद्र मिथिला में विकास को लेकर है परंतु किसी भी आपदा के वक़्त यह पूरे बिहार के लिए खड़े रहते है। बिहार में जब भी विपत्ति पड़ी है यह तन मन धन से सामने आया है। 2017,2018,2019 में बाढ़ पीड़ितों को बचाने से लेकर उनके रहने खाने तक का इन्तजाम किया था, वहीं पिछले साल जब बिहार की राजधानी पटना पानी में समा गया था उस वक़्त भी यह लोगों की मदद के लिए आगे आया था। बिहार में चमकी बुखार के समय भी यही संगठन खड़ा था।
आज एक बार फिर जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस जैसे महामारी से लड़ रही है तब इस समय भी इसके द्वारा लोगों को अत्यधिक मदद पहुंचाया जा रहा है। अपितु बिहार से लेकर दिल्ली तक संगठन के द्वारा भोजन,मास्क, या जरूरत के समान उपलब्ध करा रहें है। दिल्ली तथा बिहार में करीब 40 दिनों तक 300 से 400 लोगों को दिन-रात भोजन कराया जा रहा था अगर मैं सच कहूं तो ऐसे नेक कार्य करने के बाद बड़ा ही आनंद महसूस होता है। इस वक़्त ये लोग अपनी जान की परवाह किये बगैर ही घर घर जा कर लोगो की मदद कर रहे है यह काफी अतुलनीय हैं।
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