"पाकिस्तान की बौखलाहट"
भारत सरकार के ऐतिहासिक कदम की चर्चा सभी ओर हो रहीं है। जिस तरह से भाजपा सरकार ने अपने घोषणा के मुताबिक सत्ता में वापसी करते ही जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35 ए को खत्म कर दिया, उससे सभी चकित है। ख़ास कर अगर हम पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की बात करें तो समझेंगे की इस अनुच्छेद को हटाने से सबसे बड़ा झटका उसको ही लगा है। जिस तरह से पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त को वापस भेजने का फैसला लिया और राजनीतिक सम्बन्धों को तोड़ रहे हैं उससे उसकी बौखलाहट साफ झलक रही हैं। जहां तक राजनायिक सम्बंध तोड़ने की बात है तो सभी को पता है कि भारत के सुरक्षा सलाहकार करीब एक अर्से से इसकी मांग कर रहें थे। इस बात पर भारत को तनिक भी चिंतनीय होने की जरूरत नहीं हैं।
अब ऐसा लगता हैं कि जिस तरह पाकिस्तान ने जल्दबाजी में यह कदम उठाया है वह उस पर ही कहीं भारी न पड़ जाये। पाकिस्तान जिस तरह से इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में उठाने की बात कर रहा है, शायद वह वाकिफ नहीं हैं कि इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र महज एक कागज का टुकड़ा हैं। पाकिस्तानी चाहे कुछ भी बोलें लेकिन सबको पता हैं कि इसका प्रभाव भारत पर तनिक भी नही पड़ेगा।
भारत सरकार के ऐतिहासिक कदम की चर्चा सभी ओर हो रहीं है। जिस तरह से भाजपा सरकार ने अपने घोषणा के मुताबिक सत्ता में वापसी करते ही जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35 ए को खत्म कर दिया, उससे सभी चकित है। ख़ास कर अगर हम पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की बात करें तो समझेंगे की इस अनुच्छेद को हटाने से सबसे बड़ा झटका उसको ही लगा है। जिस तरह से पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त को वापस भेजने का फैसला लिया और राजनीतिक सम्बन्धों को तोड़ रहे हैं उससे उसकी बौखलाहट साफ झलक रही हैं। जहां तक राजनायिक सम्बंध तोड़ने की बात है तो सभी को पता है कि भारत के सुरक्षा सलाहकार करीब एक अर्से से इसकी मांग कर रहें थे। इस बात पर भारत को तनिक भी चिंतनीय होने की जरूरत नहीं हैं।
अब ऐसा लगता हैं कि जिस तरह पाकिस्तान ने जल्दबाजी में यह कदम उठाया है वह उस पर ही कहीं भारी न पड़ जाये। पाकिस्तान जिस तरह से इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में उठाने की बात कर रहा है, शायद वह वाकिफ नहीं हैं कि इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र महज एक कागज का टुकड़ा हैं। पाकिस्तानी चाहे कुछ भी बोलें लेकिन सबको पता हैं कि इसका प्रभाव भारत पर तनिक भी नही पड़ेगा।

बेहतरीन👌👌
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